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Sunday, March 5, 2023

तुम्हें शत शत नमन – सी एल दीवाना

नारी तेरे कितने रूप हैं
कभी मां बन कर मिलती हो
कभी बहन बन कर दिखती हो
कभी बीवी बन कर हमसफर का 
जीवन भर साथ निभाती हो
वो कभी छांव सी बन जाती है
वो कभी धूप बन जाती है
सुख दुःख में फिर साथ निभाकर
समाज को जोड़े रखती है 
कहता है कवि सी. एल. दिवाना
नारी तुम कितनी महान हो 

नारी तुमको शत शत नमन है
– सी. एल . दिवाना 

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